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Blog · 18 सितंबर 2026

विदेशी client की checklist: LUT, invoice-endorsement, FIRC और एक-साल का नियम

जब आप किसी विदेशी client के लिए काम करते हैं, तो payment सीधे आने से पहले कुछ ज़रूरी नियमों और दस्तावेज़ों को समझना बहुत ज़रूरी होता है। इनकम-टैक्स एक्ट 2025 और GST के नियमों के तह

विदेशी client के साथ काम करते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान

जब आप किसी विदेशी client के लिए काम करते हैं, तो payment सीधे आने से पहले कुछ ज़रूरी नियमों और दस्तावेज़ों को समझना बहुत ज़रूरी होता है। इनकम-टैक्स एक्ट 2025 और GST के नियमों के तहत फ्रीलांसर्स के लिए एक सही प्रक्रिया का पालन करना फायदेमंद रहता है।

1. LUT file करना और zero-rated export

यदि आप भारत से बाहर के किसी client को सेवा दे रहे हैं और payment convertible foreign exchange या Special Rupee Vostro account में आ रही है, तो यह IGST एक्ट की धारा 2(6) के तहत export of services माना जाता है।

  • LUT (Form RFD-11): GST पोर्टल पर payouts मिलने से पहले हर FY (financial year) के लिए LUT renew कीजिए। इससे आपको बिना IGST भरे export करने की अनुमति मिलती है।
  • GST registration: ₹20 लाख से कम turnover वाले service exporters को Notification 10/2017-IT के तहत छूट मिलती है, लेकिन voluntary registration लेकर LUT file करना और zero-rate पर export करना हमेशा एक सुरक्षित रास्ता माना जाता है।

2. invoice-endorsement और FIRC संभालना

जब आप विदेशी client को invoice भेजते हैं, तो उस पर सही विवरण होना चाहिए।

  • invoice endorsement: आपके export invoice पर Rule 46 के तहत यह उल्लेख होना चाहिए — “Supply meant for export of services under Letter of Undertaking without payment of integrated tax.” साथ ही इसमें client की location, आपका GSTIN और LUT का ARN नंबर ज़रूर होना चाहिए।
  • FIRC (Foreign Inward Remittance Certificate): अपने bank से FIRC या e-FIRC लेते रहिए। यह इस बात का प्रमाण होता है कि आपको विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है।

3. एक-साल का नियम (Rule 96A)

GST के Rule 96A के अनुसार, विदेशी client से payment मिलने के लिए एक-साल की सख़्त समय-सीमा तय है।

  • invoice की तारीख से 1 साल के भीतर payment आ जाना चाहिए।
  • यदि एक साल में payment नहीं आती है, तो आपको अगले 15 दिनों के भीतर 18% ब्याज के साथ IGST भरना होगा। ऐसा न करने पर आपका LUT वापस (withdraw) लिया जा सकता है। इसलिए payment में देरी होने पर client से समय पर संपर्क करें।

4. FIRC और compliance की सही तैयारी

अपने bank से wire transfers की FIRC व्यवस्था हमेशा दुरुस्त रखें, क्योंकि इनकम-टैक्स और GST दोनों के लिए यह एक अहम दस्तावेज़ है। सही समय पर GST returns भरना और ITR filing के दौरान अपने business income का सही मिलान करना आपके लिए मददगार साबित होता है।

अपने व्यक्तिगत मामलों और टैक्स से जुड़ी पेचीदगियों के लिए हमेशा किसी योग्य Chartered Accountant की सलाह लें।


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Last verified: 18 सितंबर 2026 — सलाह नहीं है — फ़ैसले Chartered Accountant से पक्के कीजिए।