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Section 58: presumptive taxation, पूरी तरह समझाया
तीन मशहूर पुराने sections — 44AD, 44ADA और 44AE — अब एक के भीतर रहते हैं: Income-tax Act, 2025 का Section 58। अगर आप freelancing, consulting या छोटा business करते हैं, तो शायद यही एक section आपकी पूरी tax-ज़िंदगी तय करता है।
"Presumptive" का मतलब
किताबें रखने और हर ख़र्च साबित करने की जगह, क़ानून छोटे taxpayers को कमाई के एक तय प्रतिशत को ही profit मान लेने (presume करने) की छूट देता है — tax उसी पर लगता है। न ख़र्च का record, न audit, एक पंक्ति का हिसाब। बदले में business-ख़र्च अलग से claim नहीं होते — प्रतिशत में सब शामिल माना जाता है (sections 30–38 की कटौतियाँ दी-जा-चुकी मानी जाती हैं)।
दो रास्ते — और सब इन्हें गड्डमड्ड क्यों करते हैं
| Profession वाला रास्ता | Business वाला रास्ता | |
|---|---|---|
| पुराना नाम | 44ADA | 44AD |
| नया घर | s.58(2), Table Sl. 3 | s.58(2), Table Sl. 1 |
| कौन | s.62(4) के "specified professions" — नीचे देखें | लगभग हर दूसरा छोटा business — ज़्यादातर freelancers समेत |
| Deemed profit | 50% कुल receipts का | 6% digital पर, 8% cash पर |
| Receipts-सीमा | ₹50 लाख (cash ≤5% तो ₹75 लाख) | ₹2 करोड़ (cash ≤5% तो ₹3 करोड़) |
s.62(4) की सूची बंद है: legal, medical, engineering, architecture, accountancy, technical consultancy, interior decoration, information technology और company secretary। दो और — film artist और authorised representative — 1977 के CBDT notification (S.O. 17(E)) से आते हैं, जिसे नए Act का s.536 ज़िंदा रखता है।
बाक़ी सब — writer, designer, video editor, marketer, translator, coach — profession नहीं, business हैं। और यह घाटा नहीं, अक्सर बेहतर सौदा है: 50% की जगह deemed profit सिर्फ़ 6%, और सीमा चार गुना ऊँची। तय नहीं कर पा रहे? पात्रता-जाँच चलाइए।
5% cash-test
दोनों सीमाएँ उछलती हैं — ₹50L→₹75L और ₹2cr→₹3cr — जब cash receipts कुल का 5% या कम हों। एक बड़ा cash-भुगतान आपको नीचे वाली सीमा पर गिरा सकता है, और उससे सीमा पार हुई तो उस साल presumptive पूरा ही हाथ से गया। सीधा नियम: सब कुछ digital रखिए।
Floor वाला नियम
50% और 6%/8% न्यूनतम (floor) हैं, अधिकतम नहीं। असली profit इससे ऊँचा हो तो Section 58 ऊँचा वाला ही घोषित करने को कहता है — "or such higher amount as claimed to have been earned"। व्यवहार में ज़्यादातर लोग floor ही भरते हैं; बस return पर दस्तख़त से पहले क़ानून की यह भाषा जान लीजिए।
कई freelancers का tax अब शून्य क्यों है
नई regime की rebate (s.156) ₹12 लाख तक की total income का tax पोंछ देती है। इसे presumptive-गणित से जोड़िए: business-track वाला freelancer digital में ₹2 करोड़ तक bill कर सकता है (deemed income 6% = ₹12L — ठीक rebate की रेखा पर), और 50% वाला professional ₹24 लाख तक (deemed ₹12L) — fine-print की शर्तों पर income tax शून्य। अपने अंक यहाँ चलाइए।
Advance tax: चार की जगह एक तारीख़
Presumptive वाले पूरे साल का advance tax एक किश्त में, 15 March तक भरते हैं (s.408(2)) — बाक़ी सबकी चार किश्तों (15 Jun/Sep/Dec/Mar) की जगह। चूके तो 1% प्रति माह साधारण ब्याज। Scheduler आपकी तारीख़ें दिखाता है।
Presumptive के बाद भी क्या नहीं छूटता
- GST अलग क़ानून है — presumptive income-tax यह नहीं बताता कि GST registration या export-LUT चाहिए या नहीं।
- ITR-form के जाल — विदेशी bank-balance (PayPal/Wise की holding) आपको presumptive रहते हुए भी ITR-4 से ITR-3 में धकेल सकता है।
- Regime का lock-in — business-income के साथ default नई regime से बाहर निकलना ज़िंदगी में एक ही बार वापस मुड़ने देता है; CA के साथ चुनिए।
- पुराना 5-साल वाला lock-in — 1961 के Act में 44AD छोड़ने वाले पर 5 साल की रोक थी; s.58 में यह ठीक कैसे उतरा है, presumptive-books के बीच झूलने से पहले CA से पक्का कीजिए।
ख़ुद आज़माइए
- Presumptive पात्रता-जाँच — आप किस रास्ते पर हैं?
- Presumptive tax calculator — receipts → income → दोनों regime का tax।
- Advance tax scheduler — आपकी तारीख़ें व रक़में।
- 1961 → 2025: पूरा section-नक्शा।
Last verified: 2 सितंबर 2026 — tax Act 2025 के ss.58, 62, 156, 408 व 536 और CBDT Notification S.O. 17(E) (1977) के पाठ से लिखा गया · यह tax-सलाह नहीं है — अपना मामला Chartered Accountant से पक्का कीजिए।