7.7% · 5 वर्ष · s.123 (80C) · TDS नहीं
NSC — maturity और accrual की तरकीब
वह certificate जो पाँचवें साल तक कुछ नहीं देता पर हर साल taxable है — और पुरानी regime में उस tax का ज़्यादातर हिस्सा 80C से लौटा देता है।
यह tool कौन-से नियम लगाता है
- दर 7.7% जुलाई–सितंबर 2026 में ख़रीदे certificates के लिए, पूरे 5 साल के लिए तय; वार्षिक चक्रवृद्धि, भुगतान maturity पर।
- Accrual पर tax: हर साल का ब्याज उसी साल «अन्य स्रोत» में taxable, भले हाथ में कुछ न आए — ITR में घोषित कीजिए।
- पुनर्निवेशित ब्याज पर 80C: साल 1–4 का ब्याज पुनर्निवेशित माना जाता है और ₹1.5 लाख की 80C-सीमा (अब s.123) में गिनता है — सिर्फ़ पुरानी regime। साल-5 का ब्याज हाथ में आता है, इसलिए deduction नहीं। शुरुआती जमा भी योग्य।
- TDS नहीं — 26AS में कुछ नहीं दिखता; ब्याज बताना आपकी ज़िम्मेदारी।
- Lock-in: 5 साल; समय से पहले सिर्फ़ मृत्यु, गिरवीदार द्वारा ज़ब्ती, या अदालती आदेश पर। Loan के लिए गिरवी रखा जा सकता है।
Worked example
NSC में ₹1,00,000: साल-1 ब्याज ₹7,700, साल-5 ₹10,360; maturity ₹1,44,903। कुल ब्याज ₹44,903, जिसमें ₹34,544 (साल 1–4) पुरानी regime में 80C में claim हो सकता है; साल-5 का ₹10,360 सीधा taxable।
जानने लायक़ edge-cases
- नई regime वालों को 80C नहीं — तब NSC सादा 7.7% taxable साधन है, 5-साल की FD (post office में 7.5%) के मुक़ाबले।
- संयुक्त और नाबालिग खाते चलते हैं; certificate एक बार दूसरे को transfer हो सकता है।
- Reporting का चुनाव: कुछ लोग सारा ब्याज maturity पर (cash-basis) दिखाते हैं — accrual तरीक़ा सुरक्षित और विभाग-पसंद है।
जुड़े हुए tools
- FD / RD calculator — बैंक से तुलना।
- PPF calculator — 7.1% पर कर-मुक्त विकल्प।
- Regime comparator।
Last verified: 18 सितंबर 2026 — दर 7.7% MoF (30 जून 2026) के अनुसार; accrual व 80C-व्यवहार CBDT Circular 405 की प्रथा, Income-tax Act 2025 का s.123। दरें: वित्त मंत्रालय की 30 जून 2026 की अधिसूचना, जुलाई–सितंबर 2026 (नौवीं अपरिवर्तित तिमाही); हर तिमाही फिर जाँची जाती हैं। · यह tax-सलाह नहीं है।